वॉशिंगटन।
अमेरिका इन दिनों भीषण ठंड के अभूतपूर्व दौर की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि देश के करीब 40 राज्यों में ‘हिमयुग’ जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। आर्कटिक क्षेत्र से उठे शक्तिशाली पोलर वॉर्टेक्स के कारण तापमान तेजी से गिरने की आशंका है और कई इलाकों में पारा माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस गंभीर स्थिति को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक खतरनाक विंटर स्टॉर्म की चपेट में आ सकता है और लोगों को पहले से सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “इतनी भयानक ठंड लंबे समय बाद देखने को मिल सकती है, लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।”
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
अमेरिका इन दिनों भीषण ठंड के अभूतपूर्व दौर की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि देश के करीब 40 राज्यों में ‘हिमयुग’ जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। आर्कटिक क्षेत्र से उठे शक्तिशाली पोलर वॉर्टेक्स के कारण तापमान तेजी से गिरने की आशंका है और कई इलाकों में पारा माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस गंभीर स्थिति को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक खतरनाक विंटर स्टॉर्म की चपेट में आ सकता है और लोगों को पहले से सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “इतनी भयानक ठंड लंबे समय बाद देखने को मिल सकती है, लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।”
जनजीवन पर पड़ेगा असर
इस भीषण ठंड का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है।
कई शहरों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
उड़ानों और ट्रेन सेवाओं में देरी या रद्द होने की आशंका है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
सड़कों पर बर्फ जमने से दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है।
अधिकारियों ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने, घरों में ही रहने और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि इतनी कम तापमान में हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बेघर लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन ने शेल्टर होम और वार्मिंग सेंटर खोलने शुरू कर दिए हैं।
जलवायु परिवर्तन पर बहस तेज
इस चरम मौसम ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम के पैटर्न में असंतुलन बढ़ रहा है, जिससे कभी असहनीय गर्मी तो कभी रिकॉर्ड तोड़ ठंड देखने को मिल रही है।
फिलहाल, अमेरिका के लोग इस संभावित ‘हिमयुग’ जैसी ठंड से निपटने की तैयारी में जुटे हैं। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों से दूर रहें और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।
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